Thursday, 13 September 2018

Career in Hospitality: मेहमाननवाजी में बनाएं करियर

Career in Hospitality: मेहमाननवाजी में बनाएं करियर

Career Options in Hospitality Industry
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री कोई नया नाम तो नहीं है, मगर टूरिज्म इंडस्ट्री के चलते इस उद्योग को काफी बढ़ावा मिला है और इसी के साथ यहां काम करने वाले लोगों की मांग भी बढ़ी है।
कई क्षेत्रों में मिलेगा रोजगार
रोजगार की दृष्टि से यह क्षेत्र काफी बड़ा है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दो करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने वाले इस विशाल क्षेत्र में होटल, खानपान और ट्रैवल/टूरिज्म आदि शामिल हैं। एकमडेशन के तहत होटल, मोटल, बेड-ब्रेकफास्ट और अन्य लॉजिंग बिजनेस को रखा गया है। फूड एंड बेवरेज के तहत रेस्टोरेंट, फास्ट फूड चेन आदि को शामिल किया जाता है और ट्रैवल/ टूरिज्म के तहत एयरलाइन्स, ट्रेन और क्रूजशिप को रखा गया है। इसमें आने वाले अन्य प्रमुख काम हैं फ्रंट ऑफिस, सुरक्षा एवं बचाव, अकाउंट्स, कंप्यूटर ऑपरेशन, हाउसकीपिंग, रख-रखाव, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सेल्स व मार्केटिंग, स्टोर कीपिंग आदि। इसके अलावा रेस्तरां मैनेजर, कुक, बार टेंडर, गार्डनर, मैनेजर (ऑपरेशन्स), मैनेजर (सेल्स), एयर होस्टेस/केबिन क्रू आदि को भी काम मिलता है।
होटल और रिजॉर्ट स्टाफ
चाहे आप होटल के मैनेजर हों या अन्य सहायक स्टाफ, अतिथि के आने और उसके वापस जाने तक आपको बेहतरीन सेवा देनी होती है। यहां पर होटल मैनेजर के अलावा फ्रंट डेस्क क्लर्क/ रिसेप्शनिस्ट, रिजॉर्ट मैनेजर, हाउसकीपर, होटल अकाउंटेंट आदि स्टाफ की भी बेहद जरूरत होती है। .
एयरलाइन्स/क्रूज सर्विस.
इसके तहत दो प्रमुख क्षेत्र हैं- एयरलाइन ट्रैवल और लग्जरी क्रूज सेवा। चाहे आप ऑपरेशन मैनेजमेंट से जुड़े हों या कंपनी के नेतृत्व में से एक हों, या लॉजिस्टिक्स या रिजर्वेशन से जुड़े हों, आपको अपने यात्रियों को सहज और सुरक्षित महसूस कराना होता है। इसमें फ्लाइट अटेंडेंट, एयर होस्टेस, क्रूज स्टाफ, शिप कैप्टन, ट्रैवल सिक्योरिटी, लगेज पोर्टर, हैंडीकैप्ड ट्रैवलर एड आदि का काम प्रमुख होता है।.
फूड और बेवरेज सेवा
हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में ग्रेजुएट युवा के लिएरेस्तरां में तो अवसर होते ही है, बार, कैफेटेरिया आदि में भी उनके लिएकाम होता है। पूरी साफ-सफाई के साथ आकर्षक तरीके से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना ऐसे स्टाफ की जिम्मेदारी होती है। इस क्षेत्र में तमाम तनावों को नजरअंदाज करते हुए विनम्र और व्यवस्थित रहना होता है। इस क्षेत्र में अनेक मौके हैं, जिनमें किचन स्टाफ, शेफ, वेटर, क्लब और रेस्तरां मैनेजर आदि प्रमुख हैं।.
एंटरटेनमेंट मैनेजर
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में मनोरंजन और उससे जुड़े लोगों की भी अलग भूमिका होती है। बहुत सारे पर्यटकों को मनोरंजक गतिविधियों की जरूरत होती है। किसी को एडवेंचर की जरूरत होती है तो किसी का मनोरंजन एम्यूजमेंट पार्क में होता है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ जुड़ते हैं।
इवेंट प्लानर
टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का कोर्स करने वाले युवाओं के सामने इवेंट प्लानर का भी विकल्प है। ये इवेंट की प्लानिंग से लेकर इवेंट के सफलतापूर्वक संचालन में शामिल होते हैं। इस क्षेत्र में प्रमुख करियर हैं वेडिंग कोऑर्डिनेटर, कॉन्सेप्ट/फेस्टिवल ऑर्गनाइजर, पार्टी प्लानर, कॉन्फ्रेंस होस्ट आदि।.
हॉलिडे काउंसलर
कई बड़ी-बड़ी ट्रैवल एजेंसियां अपने यहां ट्रैवल काउंसलर नियुक्त करने लगी हैं। ऐसे काउंसलर अपने ट्रैवलर को उनकी पसंद के अनुसार, डेस्टिनेशन और तरह-तरह के स्पेशल ऑफर की जानकारी देते हैं। ऐसे लोग ट्रैवल एजेंट बन सकते हैं, बुकिंग एजेंट बन सकते हैं, टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर के प्रतिनिधि बन सकते हैं, टूर गाइड का काम कर सकते हैं और ऑनलाइन क्लाइंट सर्विस रिप्रेजेंटेटिव के रूप में भी करियर बना सकते हैं।.
जरूरी योग्यता
इस क्षेत्र में बेहतर करियर के लिए इच्छुक युवाओं को मेहनती तो होना ही चाहिए, लोगों के साथ सहज तरीके से संवाद करने की भी उनकी क्षमता अच्छी होनी चाहिए। अगर किसी विदेशी भाषा का ज्ञान है और कंप्यूटर की जानकारी है तो यह आपके लिए अच्छा रहेगा। स्किल के साथ जो योग्यता जरूरी है, वह है 12वीं। होटल मैनेजमेंट में डिग्री कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। होटल मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स भी किया जा सकता है, जिसकी अवधि छह महीने से एक साल तक की है। इसके अलावा एक साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स भी है। इसी क्षेत्र के ग्रेजुएट्स को भी सर्विस सेक्टर के दूसरे क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, कॉल सेंटर आदि में अच्छे विकल्प मिल *सकते हैं। .
कहां से करें पढ़ाई
ओबेरॉय, ताज, आईटीसी, आईटीडीसी जैसी बड़ी होटल चेन्स में इन-हाउस ट्रेनिंग प्रोग्राम होता है। भारत सरकार ने दिल्ली, ग्वालियर, बेंगलुरू, गोवा, ओडिशा, असम, गुजरात, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई और देश के दूसरे मुख्य शहरों में होटल मैनेजमेंट के कई इंस्टीट्यूट स्थापित किए हैं। यहां तक कि कई प्राइवेट मैनेजमेंट संस्थानों में भी होटल मैनेजमेंट की क्लासेज होती हैं। द स्किल डेवलपमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया भी छात्रों को इससे संबंधित जरूरी स्किल्स की ट्रेनिंग देता है।.
कमाई भी अच्छी
इस क्षेत्र में बेल बॉय की तनख्वाह सबसे कम होती है। मसलन एक अच्छे होटल में बेल बॉय को 15,000 रुपए से लेकर 20,000 रुपए तक तनख्वाह मिलती है। उसके ऊपर फ्रंट ऑफिस स्टाफ आता है, जिसके तहत फ्रंट ऑफिस एग्जिक्यूटिव, फ्रंट डेस्क रिप्रजेंटेटिव आदि की तनख्वाह 25,000 से लेकर 30,000 प्रति महीने तक हो सकती है। वहीं असिस्टेंट मैनेजर का वेतन 35 हजार से 40 हजार रुपए तक हो सकता है। मैनेजर की तनख्वाह 40,000 से 50,000 होती है।
12वीं के बाद बीए इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, बैचलर डिग्री इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल एंड कैटरिंग मैनेजमेंट, बैचलर डिग्री इन हॉस्पिटैलिटी साइंस, बीएससी होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग साइंस जैसे कोर्स कर सकते हैं। इनकी अवधि 6 महीने से 3 साल तक है। इसके अलावा पीजी डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, एमएससी इन होटल मैनेजमेंट और एमए इन होटल मैनेजमेंट कोर्स कर सकते हैं। इसकी अवधि दो साल है।

एक्सपर्ट्स व्यू
सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला क्षेत्र- 
सुभाष गोयल, अध्यक्ष, स्टिक ट्रैवल ग्रुप
पर्यटन को देश और दुनिया में सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाला क्षेत्र माना जाता है। इतना ही नहीं, अगले 15 से 20 साल में हर नौ में से एक नौकरी हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उत्पन्न होगी। आज भी यह इंडस्ट्री दो करोड़ लोगों को रोजगार दे रही है और दुनिया की 11 फीसदी नौकरियां इस क्षेत्र में उत्पन्न हो रही हैं।
छोटे-बड़े अनेक कोर्स
इस क्षेत्र में करियर के लिए यूं तो 12वीं के बाद हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से संबंधित ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई करना बेहतर है, लेकिन हर बड़े शहर में अनेक प्रमुख संस्थाएं हैं, जो छह महीने से लेकर एक साल तक के कोर्स का संचालन करती हैं। ऐसे संस्थानों में वाईएमसीए, वाईडब्ल्यूसीए, स्थानीय पॉलीटेक्निक आदि प्रमुख हैं।
-महेश बहल, पूर्व उप निदेशक, हरियाणा टूरिज्म.
एयर होस्टेस के रूप में सेवा
इस क्षेत्र में करियर के लिए मैं मानती हूं कि ठीक-ठाक अंग्रेजी, थोड़ा आत्मविश्वास, व्यक्तित्व में थोड़ा-सा निखार और बात करने का तरीका आना चाहिए। इसके बाद सीधे एयरलाइन्स की वेबसाइट पर मौके देखने चाहिए, न कि कोई इंस्टीट्यूट। छह-सात साल के अनुभव के बाद सेफ्टी इंस्ट्रक्टर, सर्विस इंस्ट्रक्टर, ग्रूमिंग इंस्ट्रक्टर आदि भी बन सकते हैं। मैंने 12वीं के बाद एयर होस्टेस के रूप में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया, जिसका विचार एक इंस्टीट्यूट के विज्ञापन से आया था। आवेदन करने पर उसमें चयन हो गया। तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद मुझे 45 हजार रुपए की सैलरी पर रख लिया गया।
-आंचल अंगिका, एयर होस्टेस-कतर एयरवेज .

No comments:

Post a Comment

Pitru Paksh 2018: पितृ पक्ष कल से शुरू, जान लें कैसे करें श्राद्ध

Pitru Paksh 2018: पितृ पक्ष कल से शुरू, जान लें कैसे करें श्राद्ध सूर्यकांत द्विवेदी,मुरादाबाद Last updated: Sun, 23 Sep 201...